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2500 करोड़ का ऐलानी डोज भी लक्ष्मी विलास बैंक को नहीं दे सका बूस्टर

नई दिल्ली। लक्ष्मी विलास बैंक पर कई प्रतिबंध और मोराटोरियम में डालने के बाद आज शेयर बाजार ने भी काफी बड़ा झटका दिया है। बैंक के शेयरों में 20 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया है। ताज्जुब की बात तो यह है कि सिंगापुर के डीबीएस बैंक ने लक्ष्मी विलास बैंक में 2500 करोड़ रुपए का निवेश करने के ऐलान के बाद भी लक्ष्मी विलास के बैंक के शेयरों में तेजी नहीं दिखाई दी। आपको बता दें कि आरबीआई ने डूबे लक्ष्मी विलास बैंक को एक महीने के मोराटोरियम पर डाल दिया है। साथ ही बैंक का मर्जर डीबीएस के साथ करने का प्रस्ताव दिया है।

लक्ष्मी विलास के शेयरों में 20 फीसदी की गिरावट
आरबीआई के बैंक को मोराटोरियम में लक्ष्मी विलास बैंक के शेयरों में 20 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया है। जिसकी वजह से बैंक का शेयर 12.40 रुपए पर आ गया है। जबकि मंगलवार को बैंक का शेयर 15.50 रुपए पर बंद हुआ था। बैंक का शेयर 30 जून को 25.18 रुपए के साथ 52 हफ्तों की उंचाई पर गया था। जबकि 30 मार्च को 10.45 रुपए के साथ बैंक का शेयर 52 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट पर चला गया था। खैर अभी तक बैंक की अभी वो स्थिति नहीं आई है।

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2500 करोड़ के ऐलान के बाद भी नहीं हुआ असर
वैसे सिंगापुर के बैंक डीबीएस की ओर से बैंक मर्जर के प्रस्ताव के मंजूरी के बाद 2500 करोड़ रुपए की लिक्विडिटी डालने का भी ऐलान किया है। बैंक का कहना है कि अगर सरकार की ओर से इस मर्जर को मंजूरी मिल जाती है, उसके बाद वो इस बैंक में 2500 करोड़ रुपए की लिक्विडिटी डालेगा। इस ऐलान के बाद भी लक्ष्मी विलास बैंक के शेयरों में कोई खास फर्क देखने को नहीं मिला है। आपको बता दें कि मर्जर की प्रक्रिया एक महीना मोराटोरियम के खत्म होने के बाद शुरू की जाएगी।

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आरबीआई ने रखा है विलय का प्रस्ताव
भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड में विलय का प्रस्ताव रखा। डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड सिंगापुर की डीबीएस बैंक लिमिटेड की पूर्व स्वामित्व वाली अनुषंगी है। आरबीआई ने लक्ष्मी विलास बैंक को 30 दिन के मोरेटोरियम के अंतर्गत रखने के बाद यह प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय बैंक ने बैंक की वित्तीय स्थिति के बुरी तरह बिगडऩे का हवाला देते हुए बैंक के बोर्ड को अपने नियंत्रण में लेने का निर्णय किया है।

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आरबीआई ने प्रकाशक किया नियुक्त
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बताया है कि केनरा बैंक के पूर्व गैर-कार्यकारी अध्यक्ष टीएन मनोहरन को बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है। आरबीआई के अनुसार, डीबीएस बैंक सिंगापुर एशिया के प्रमुख वित्तीय सेवा समूह डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है और इस तरह यह एक मजबूत पैतृक लाभ है।

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एक महीने का मोराटोरियम
एक बयान में देश के शीर्ष बैंक ने कहा कि डीबीएस बैंक इंडिया के पास एक मजबूत बैलेंस शीट है, जिसमें मजबूत पूंजी समर्थन है। 31 मार्च को 7,023 करोड़ रुपए की पूंजी के मुकाबले 30 जून को इसकी कुल विनियामक पूंजी 7,109 करोड़ रुपये थी। लक्ष्मी विलास बैंक लिमिटेड को 17 नवंबर को मोरेटोरियम के अंतर्गत रखा गया है, जो 16 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।



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