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नवंबर के महीने में क्रूड ऑसल की कीमत में आग, जानिए कितना हुआ महंगा

नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन को लेकर आने वाली पॉजिटिव खबरों से सोना और चांदी की की कीमत में गिरावट आई और इक्विटी मार्केट में तेजी देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में बीते तीन दिनों से लगातार इसका जगरदस्त असर देखने को मिल रहा है। ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल की कीमत में 12 फीसदी से ज्यादा देखने को मिल चुकी है। जहां ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 45 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए हैं। जबकि डब्ल्यूटीआई के दाम में 43 डॉलर प्रति बैरल के बेहद करीब है।

क्रूड ऑयल की कीमत में इजाफा
वैक्सीन की रिपोर्ट आने के बाद ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई की कीमत में इजाफा देखने को मिला है। पहले डब्ल्यूटीआई की कीमत की बात करें तो 9 नवंबर को 39 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वैैक्सीन की खबरों के आने के बाद तेजी देखने को मिली। तब से अब तक 4 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा देखने को मिल चुका है। मौजूदा समय में डब्ल्यूटीआई के दाम 42.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुका है।

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नवंबर के महीने में जबरदस्त तेजी
अगर बात पूरे नवंबर की करें तो ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई में 9 डॉलर प्रति बैरल तक का इजाफा देखने को मिल चुका है। नवंबर के महीने से पहले डब्ल्यूटीआई के दाम 34 डॉलर प्रति बैरल पर थे। जबकि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत नवंबर से पहले 36 डॉलर था। नवंबर के महीने में ब्रेंट की कीमत में काफी तेजी देखने को मिल चुकी है।

क्रूड ऑयल की कीमत में तेजी के कारण
- नवंबर में एलएमई एल्युमीनियम की कीमत 1920 डॉलर के साथ18 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। जबकि भारतीय वायदा बाजार में एल्युमीनियम 157 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कीमत में तेजी की असली वजह कोरोनो वायरस वैक्सीन के मोर्चे पर हाल ही में सकारात्मक विकास की वजह से निवेशकों में बेहतर रिस्पांस देखने को मिल रहा है।

- पिछले महीने की तुलना में एल्युमीनियम की कीमत ऊपर की ओर बढ़ी है, जो 5 अक्टूबर के बाद से 8 फीसदी से ज्यादा है। वैश्विक आर्थिक रिकवरी में अनिश्चितता अभी भी मौजूद है।

अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में बिडेन का चुनाव कोविड-19 के नियंत्रण के लिए अनुकूल है। आर्थिक प्रोत्साहन बिल के पैमाने पर अमरीका में अभी भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद हैं, और बाजार में अभी भी कई अनिश्चितताएं हैं।

- केंद्रीय बैंकों के पास मध्यम अवधि में अपने आक्रामक रुख को बदलने की संभावना नहीं है। वैक्सीन आने के बाद भी मुद्रास्फीति और श्रम बाजार के पिक-अप पकडऩे में समय लेगा।

- कोरोनो वायरस वैक्सीन के विकास में प्रगति की वजह से क्रूड ऑयल की कीमत में इजाफा हुआ है। जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही ग्लोबल इकोनॉमी में तेजी आने की संभावना है।

- फाइजर इंक ने कहा है कि उनकी स्टडी के शुरुआती आंकड़ों के आधार पर कोविड-19 को रोकने के लिए इसका प्रयोगात्मक टीका 90 फीसदी से अधिक प्रभावी है।

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क्या कहते हैं जानकार
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार कोरोना वायरस के इस दौर में वैक्सीन की पॉजिटिव खबरें आना क्रूड ऑयल की कीमत को सपोर्ट कर रहा है। खासकर नवंबर के महीने में अच्छी तेजी देखने को मिली है। इससे पहले प्रोडक्शन की कट की संभावनाओं को बल मिला है। साथ इंटरनेशनल मार्केट में अभी थोड़ी अस्थिरता बनी हुई है। अगर वैक्सीन मार्केट में जल्दी आती है तो क्रूड ऑयल की कीमत में और इजाफा देखने को मिल सकता है।



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