ads

बजट 2021ः MSME सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद, विशेष प्रावधान करने के संकेत

1 फरवरी को देश का आम बजट (Budget 2021) पेश किया जाएगा। तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सत्र का पूरा शेडयूल जारी किया है। बता दें कि संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से होगा और 2 पार्ट में 8 अप्रेल तक चलेगा। इस बार बजट में एमएसएमएई सेक्टर (MSME Sector) को राहत मिलने की उम्मीद है। MSME Sector को बजट 2021 में जीएसटी में राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस बार एमएसएमई सेक्टर को जीएसटी में राहत (Budget 2021 Expectations) देनी चाहिए। बता दें कि कोरोना की वजह से व्यावसायिक सेवाओं को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

जीएसटी घटाई जानी चाहिए
एसएमई चैंबर ऑफ इंडिया और स्टार्टअप काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष चंद्रकांत सालुंक ने फाइनेंषयल एक्सप्रेस को बताया कि व्यावसायिक विकास के लिए और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को वर्तमान में अधिकांश व्यावसायिक सेवाओं पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करनी चाहिए। बता दें कि कानूनी पेशेवरों, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, आर्किटेक्ट्स, कोरियर सर्विसेज, मैनेजमेंट कंसल्टिंग और एचआर, मार्केटिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, होस्टिंग और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोविजनिंग, मेंटेनेंस, रिपेयर और इंस्टॉलेशन सर्विसेज आदि सेवाओं पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है।

एमएसएमई के लिए विशेष प्रावधान के संकेत
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी आगामी बजट में एमएसएमई के लिए विशेष प्रावधान करने का संकेत दे चुकी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार ने कोरोना काल में काफी समझदारी से वित्तीय प्रबंधन किया और खर्च को निश्चित सीमा तक ही बढ़ाया गया। इसलिए बजट में एमएसएमई के लिए नए प्रावधान की पूरी गुंजाइश है।

यह भी पढ़ें-किसानों के लिए खुशखबरी! बढ़ सकती है किसान योजना की धनराशि, बजट में रखा जाएगा प्रस्ताव

msme.png

एनपीए क्लासीफिकेषन पीडियड को बढ़ाने की उम्मीद
एक पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले बजट में केंद्र सरकार एमएसएमई से जुड़े एनपीए क्लासीफिकेशन पीरियड को 90 दिन से बढ़ाकर 120-180 दिन कर सकती है। महामारी से जूझ रहे छोटे और मझोले कारोबारियों को राहत देने के लिए सरकार बजट में इन नियमों में ढील का ऐलान कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार के बजट में नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स से जुड़े नियमों में राहत संभव है। बता दें कि वर्तमान में किसी भी लोन को उस समय नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स घोषित किया जाता है जब उस लोन का ब्याज या मूल राशि की किश्त 90 दिन के बाद भी जमा नहीं होती है।

यह भी पढ़ें-17वीं लोकसभा का पांचवां सत्र 29 जनवरी से शुरू होगा, एक फरवरी को आम बजट

बढ़ाई जानी चाहिए कोलेट्र्रल फ्री लोन की राशि
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बजट में कोलेट्रल फ्री लोन की राशि को सरकार के द्वारा बढ़ाया जाना चाहिए। सूक्ष्म इकाइयों के लिए 5 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाना चाहिए, छोटे व्यवसायों के लिए 15 करोड़ रुपये, और मध्यम व्यवसायों के लिए 35 करोड़ रु तक। इससे बैंकों के पास उपलब्ध धन का बेहतर उपयोग होगा और जरूरतमंद कारोबारियों को फायदा होगा।



Source बजट 2021ः MSME सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद, विशेष प्रावधान करने के संकेत
https://ift.tt/3qoqsEc

Post a Comment

0 Comments