ads

कोरोना संकट में बेसहारों का सहारा बने उद्यमी रोहित खोसला

नई दिल्‍ली। दिल्ली निवासी उद्यमी रोहित खोसला भारत में सामाजिक समस्याओं के उन्मूलन के प्राथमिक लक्ष्य के साथ अपने अभूतपूर्व कार्यों से समाज सेवा के नित नव सोपान स्थापित कर रहे हैं। उद्यमिता की अवधारणा केवल धन अर्जित करना ही नहीं होता अपितु सामाजिक समस्याओं को समाधान में बदलना भी है। कठोर परिश्रम एवं निष्काम भाव से सेवा जैसे कठिन प्रयासों के कारन समाज के उत्थान के लिए बहुत कम व्यक्ति ही इस प्रकार की चुनौती स्वीकार करते है, परन्तु रोहित खोसला जैसे उद्यमी द्वारा इस जिम्मेदारी के सफलतापूर्वक निर्वहन ने देश के नवयुकों के समक्ष एक आदर्श की स्थापना की हैं। अपनी नवोन्मुखी सोच, उच्च योग्यता एवं अनुभव के उचित उपयोग से व्यापर जगत में पहले से दिदीप्तिमान रोहित खोसला के इन सामाजिक सरोकारों ने उनके सम्मान में अभूतपूर्व वृद्धि की है।

प्राणघातक कोरोना वायरस महामारी के कारण हम सभी ने अशांति एवं अनिर्णय की अभूतपूर्व स्थिति का सामना किया है तथा अभी भी कर रहें हैं। जब से पिछले साल दुनिया में महामारी के प्रकोप का प्रसार हुआ है, तब से लोखड़ौन जैसी व्यवस्थाओं के कारण अधिकांश व्यवसाओं के कारोबार में भरी गिरावट देखी गयी है। व्यवसाओं के वाधित होने के आलावा कई दैनिक वेतनभोगी कर्मचारिओं की नौकरियां चली गई। इस महामारी से दुनिया के सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत एक रहा है जहाँ सबसे अधिक मरीज तथा मौतें हुई हैं। ऐसी स्तिथि में अग्रिम रेखा के योद्धाओं एवं समाजसेविओं ने देश की बेहतरी में बहुत बड़ा योगदान दिया है। इसके अतिरिक्त रोहित खोसला जैसे उद्यमियों ने भी संकट के दौरान सराहनीय कार्य किया है।


COVID-19 की भयंकर दूसरी लहार के चरम के समय रोहित खोसला ने महामारी से प्रभावित लोगों को मुश्किल से निकलने में काफी सहायता की है। देश भर में सकारात्मक मामलों की बढ़ती संख्या के साथ ही अस्पतालों में घातक वायरस से पीड़ित रोगियों को भर्ती काना मुश्किल हो गया था तब रोहित खोसला अत्यंत विनर्मता के साथ ऑक्सीजन प्रदान करने वाले यन्त्र तथा अस्पतालों में बेड की व्यवस्था करने में सहायता के लिए आगे आये, इसके साथ ही उनकी समर्पित टीम ने अनेक मेडिकल सेंटर्स पर प्लाज़्मा की व्यव्श्था करके भी लोगों की बहुत मदद की। उस हृदयविदारक स्तिथि का समरण करते हुए रोहित कहते हैं कि, "देश ने कई बार एक दिन में 400,000 से भी अधिक मामलें देखे थे, ऐसी भीषण स्तिथि ने मुझे आराम से बैठने नहीं दिय। ऐसे मुश्किल समय में जरूरतमंद लोगों की किसी भी प्रकार से सहायता करके शांति की अनुभूति होती है।


हालांकि पिछले कुछ समय से देश में संक्रमित मामलों की संख्या एक दिन में एक लाख से भी कम रह गई है। उचित परीक्षण और निदान करने के लिए, व्यवसायी ने अपने उद्यम, नई दिल्ली मेडिकल सेंटर (एनडीएमसी) के माध्यम से दिल्ली / एनसीआर क्षेत्र में मुफ्त COVID-19 आरटी-पीसीआर परीक्षण और रक्त परीक्षण शुरू किया था। NABL और ICMR द्वारा स्वीकृत, रैपिड एंटीजन और RT-PCR परीक्षण सरकारी अधिकारियों और संबंधित चिकित्सा निकायों से अनुमति लेने के बाद किया गया था। इसके साथ ही उनकी कंपनी COVID-19 मामलों को नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण अभियान चला रही है। एनडीएमसी ने पहले ही पश्चिमी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और गुरुग्राम में सात अलग-अलग स्थानों में ड्राइव-थ्रू और वॉक-इन टीकाकरण शुरू कर दिया है। खोसला के केंद्र में दो टीके उपलब्ध हैं - कोविशील्ड और स्पुतनिक वी। उन्होंने आगे खुलासा किया कि सकारात्मक मामलों की संख्या को तभी नियंत्रित किया जा सकता है जब पूरे देश में टीकाकरण किया जाए। खैर, उद्यमी द्वारा की गई यह नई पहल अपने आप में एक उपलब्धि है।

देश की राजधानी में स्थित युवा और गतिशील उद्यमी ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं, जहां उन्होंने एमबीए किया। इसके अलावा, उन्होंने व्यवसाय के विभिन्न विषयों में कई प्रमाणन कार्यक्रम और पाठ्यक्रम किए हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद, बहुमुखी उद्यमी अपने पारिवारिक व्यवसाय R.K International Group में शामिल हो गए। रोहित खोसला ने पिछले कुछ वर्षों में जो गहन ज्ञान प्राप्त किया है, उससे उन्हें दुनिया के विभिन्न हिस्सों जैसे लंदन, दक्षिण कोरिया, पोलैंड और मध्य पूर्व में अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिली है। वह ऐसे कठिन समय में अपने देशवासियों के लिए एक अभूतपूर्व व्यापारिक नेता और एक सच्चे नायक बने।



Source कोरोना संकट में बेसहारों का सहारा बने उद्यमी रोहित खोसला
https://ift.tt/3wGTtyd

Post a Comment

0 Comments