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कोरोना के दौर में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली। कोरोना संकट (Covid Crisis) में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (health insurance policy) का न होना एक बड़े खतरे का संकेत है। मेडिकल इमजेंसी के दौरान ये इंश्योरेंस हमें भारी भरकम खर्च से बचाने में मदद करता है। आज के दौर में लोग हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को सबसे अधिक महत्व दे रहे हैं। मगर हेल्थ पॉलिसी को खरीदते समय इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

अलग से लें हेल्थ प्लान

आप किसी कंपनी में जॉब कर रहे हैं तो यहां के हेल्थ इंश्योरेंस के अतिरिक्त आपको को एक दूसरी पॉलिसी (health policy) भी रखनी चाहिए। इससे नौकरी जाने की स्थिति में आप इलाज के खर्च के बड़े संकट से बच सकते हैं। जॉब की शुरुआत में ली गई हेल्थ पॉलिसी (health policy) को आपको जीवन भर जरूर चलाना चाहिए। इससे आपको कम प्रीमियम अदा करना पड़ेगा।

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पैसे की कमी से बिगड़ते हैं केस

भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पैसे की कमी के कारण देश में 80 फीसदी मेडिकल इमरजेंसी केे मामले बिगड़ जाते हैं। दुर्घटना के समय न सिर्फ इलाज पर आपको पैसे खर्च करने पड़ते हैं, बल्कि आपकी कमाने की क्षमता भी घट जाती है। ऐसे स्थिति में मेडिकल इंश्योरेंस आपकी काफी मदद करता है। हेल्थ इंश्योरेंस में थोड़े प्रीमियम पर आप बड़े मेडिकल खर्च से बच सकते हैं।

पांच से सात लाख का हेल्थ कवर लें

कई लोग हेल्थ इंश्योरेंस को लेने में झिझक महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि यह पैसे की बर्बादी है। मगर आपको या परिजन को मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ जाए तो आपकी बचत को खत्म हो सकती है। मामूली प्रीमियम चुकाकर 5 से 7 लाख का हेल्थ कवर (Health Cover) लेना समझदारी की बात है।

सोच-समझ कर हेल्थ प्लान खरीदें

हेल्थ प्लान (Health Plan) लेने से पहले शर्तों को ध्यान से समझ लें। किसी जानकार की मदद लें। ऑनलाइन साइट पर आप अलग-अलग कंपनियों के हेल्थ प्लान (Health Cover) की तुलना भी कर सकते हैं। इनकी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉलिसी (Health Cover) के हर क्लॉज को ध्यान से पढ़ लें। सभी तरह की बीमारियों को लेकर दिए गए क्लॉज की जानकारी को अवश्य पढ़ लें।

नो क्लेम बोनस का फायदा

हेल्थ कवर को युवा अवस्था में ले लेना चाहिए। 40 वर्ष की उम्र से पहले लिए हुए इंश्योरेंस से काफी फायदा होता है। युवाओं को आमतौर पर बीमारियां कम होती हैं। इस कारण कंपनियां उनके लिए प्रीमियम की रकम कम रखती हैं। हर वर्ष हेल्थ प्लान को रिन्यू कराने पर उन्हें नो क्लेम बोनस (No Claim Bonus) का लाभ मिलता रहता है।

पहले से मौजूद बीमारी के लिए ना लें कवर

अगर आपको कोई क्रिटिकल इलनेस है, जिसमें लंबी अवधि तक इलाज की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में क्लेम करने का अर्थ है कि आपका प्रीमियम लगातार बढ़ता जाएगा। नई पॉलिसी लेने के इस जाल में न फंसें। ऐसी हेल्थ पॉलिसी खरीदें जिसे जीवन में किसी भी समय रिन्यू कराया जा सकता है। हेल्थ प्लान (Health policy) खरीदने का उद्देश्य बड़ी उम्र में बीमारियों के इलाज पर आने वाले खर्च से वित्तीय सुरक्षा करना है। इसका ध्यान रखना चाहिए। जब आप रिटायरमेंट के करीब पहुंचे तो उस समय बीमारियों का खतरा सबसे अधिक होता है। कामकाज से मुक्त होने के कारण आपके पास इलाज कराने का अधिक पैसा नहीं होता है। इन बातों का ध्यान रखकर ही हेल्थ पॉलिसी खरीदें।

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कवरेज विकल्प को समझें

खरीदारों को बीमा की पेशकशों को समझना चाहिए कि क्या कवर किया गया है और क्या नहीं। साथ ही, जांच लें कि बीमाकर्ता COVID-19 के लिए कवरेज प्रदान करता है या नहीं।

बीमा कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच

बीमा कंपनी के बारे में अपना शोध करें और दावा निपटान में उनके बीते रिकॉर्ड का अध्ययन करें। खरीदार को कंपनी द्वारा दावों को निपटाने में लगने वाले औसत समय के बारे में भी पता होना चाहिए।



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