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भारतीय संपत्तियों को जब्त करने की सूचना को सरकार ने किया खारिज, कहा-कोई नोटिस नहीं मिला

नई दिल्ली। भारत ने उन रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें भारत के साथ टैक्स विवाद में फ्रांस की कोर्ट ने ब्रिटेन की कंपनी को टैक्स वसूलने का आदेश दिया है। दरअसल ब्रिटेन की कंपनी केयर्न एनर्जी (Cairn Energy) का दावा कि उसने मध्यस्थता आदेश के तहत 1.7 अरब अमरीकी डॉलर का हर्जाना वसूलने को लेकर 20 भारतीय सरकारी संपत्तियों को जब्त करने की इजाजत हासिल की है।

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इस खबर का भारत सरकार ने खंडन किया है। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने कहा कि सरकार को इस संबंध में किसी भी फ्रांसीसी कोर्ट से कोई भी नोटिस नहीं मिला है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, दिसंबर 2020 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए सरकार पहले ही हेग कोर्ट ऑफ अपील में 22 मार्च 2021 को एक आवेदन दायर कर चुकी है। सरकार तथ्यों का पता लगाने की कोशिश में लगी है। इसके अलावा जब भी ऐसा कोई आदेश मिलेगा, भारत के हितों की रक्षा के लिए अपने वकीलों के परामर्श से उचित कानूनी उपाय किए जाएंगे।

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केयर्न के सीईओ ने चर्चा के लिए किया संपर्क

वित्त मंत्रालय का कहना है कि केयर्न के सीईओ और प्रतिनिधियों ने मामले को सुलझाने को लेकर चर्चा के लिए भारत सरकार से संपर्क साधा है। इस दौरान सरकार देश के कानूनी ढांचे के भीतर विवाद के समाधान के लिए तैयार है।



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