ads

OLA CEO Bhavish Aggarwal बोले- भारत में निवेश करें कंपनियां

नई दिल्ली। ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल ( Ola CEO Bhavish Aggarwal ) ने देश में औद्योगिक क्रांति, प्रोद्योगिकी और विनिर्माण इको-सिस्टम विकसित करने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा अच्छी बात है। इसलिए, जो कोई भी भारत में वाहन आयात ( Import )करना चाहता है, उसे देश में निवेश ( Investment ) करना चाहिए। ओला के सीईओ ने इलेक्ट्रिक स्कूटर के लॉन्च से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान टेस्ला के सीओई एलन मस्क ( Tesla CEO Elon Musk ) की आयातित इलेक्ट्रिक कारों ( imported electric cars ) पर सीमा शुल्क ( Custom Duty ) कम करने की मांग के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा।

Read More: Independence Day 2021: आजादी से पहले की वो कंपनियां जो आज भी हैं भारतीय बाजार की शान

उन्होंने कहा कि उद्योगों को देश में स्थिरता क्रांति लानी है। प्रौद्योगिकी और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र ( Eco-System ) को भी विकसित करना है। इसलिए भारत में उन सज्जनों का स्वागत करता हूं, जो यहां निवेश करना चाहते हैं।

भारत निवेश के लिए सबसे अच्छी जगह

ओला के सीईओ ने कहा कि चाहे कंपनियां भारतीय हों या अंतर्राष्ट्रीय, सभी को भारत में निवेश करना चाहिए। खासकर जो कोई भी भारत में आयात करना चाहता है, उन्हें भारत में निवेश करना चाहिए और भारत निवेश करने के लिए सबसे अच्छी जगह है।

2400 करोड़ के निवेश की घोषणा

भारतीय ईवीएस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से जहां कई इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता लड़खड़ा चुके हैं। वहीं ओला इलेक्ट्रिक ने रविवार को अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर एस1 के लॉन्च के साथ ग्रीन मोबिलिटी सेगमेंट में भी कदम रख दिया है। इलेक्ट्रिक स्कूटर एस1 कीमत 99,999 रुपए से शुरू होती है। इस मौके पर कंपनी के सीईओ ने ई-स्कूटरों के मैन्युफैक्चरिंग के लिए तमिलनाडु में एक कारखाना स्थापित करने के लिए 2,400 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा भी की।

Read More: PPF: केवल 1,000 रुपए निवेश कर पाएं 18 लाख का रिटर्न, जानिए क्या है तरीका?

क्या कहा था मस्क ने?

पिछले महीने मस्क ने कहा था कि अगर उनकी कंपनी टेस्ला आयातित वाहनों के साथ भारतीय बाजार में सफल होती है तो कंपनी यहां पर विनिर्माण इकाई स्थापित कर सकती है। साथ ही मस्क ने यह भी कहा था कि टेस्ला भारत में अपने वाहन लॉन्च करना चाहती है, लेकिन आयात शुल्क दुनिया में किसी भी बड़े देश के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इसलिए यहां पर आयात शुल्क कम होने चाहिए।

भारत 40 हजार अमरकी डॉलर से अधिक सीआईएफ ( लागत, बीमा और माल ढुलाई ) मूल्य वाली पूरी तरह से आयातित कारों पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क है। इससे कम लागत वाली कारों पर 60 प्रतिशत आयात शुल्क है।

Read More: Independence Day 2021: 75 साल में गोल्ड ने दिया 52,000% रिटर्न, ऐसा रहा अब तक का सफर



Source OLA CEO Bhavish Aggarwal बोले- भारत में निवेश करें कंपनियां
https://ift.tt/3jTXHO1

Post a Comment

0 Comments